राज छुपा है आंखो मे !
राज छुपा है आंखो में
आंखे ही बतलायेंगी
पर आंखो का भी क्या
भरोसा
खूली या बंद रह जायंगी
जीवन बस एक राज है
इसे मिटा नहीं सकते हम
आंख आईना है जीवन का
तस्वीर छुपा नही
सकते हम
प्यार मोहब्बत की बांते
आंखो का ही खेल हैं
आंख ईशारो से ही
सब राज उगलते जायेंगी
हँशी-खुशी दूनिया की
आंखे ही बतलाती हैं
दर्द दिलो के जाहिर
करने
बुंदो को छलकाती हैं
आंखो से ही देख
ख्वाब
दर्द शांत हो जाता हैं
आंख मुसाफिर है जीवन
की
संग हमारे जांयगी
क्या कहूँ इन आंखो को
ये लब्ज हमारे मन
की हैं
मन को मन से भीतर ही
बस आंखे देख
पायंगी

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