इरफान : एक यात्रा उनके अभिनय जीवन की
इरफान ने अपने नाम से अपना सरनेम ,खान जब हटाया तो उनसे पूछ गया ऐसा क्यों? तो उनका जवाब था, "मैं बोझ लेकर नहीं चलना चाहता" वो जितने अपनी अम्मी सईदा बेगम के इरफान थे उतने ही पूरे भारत के रहना चाहते थे, न रत्ती भर ज्यादा न रत्ती भर कम। चलते हैं इरफान के अभिनय के साथ एक यात्रा पर, इरफान एक युग "पुरूष" का नाम था जिनकी "दृष्टि" ही उनके "तलवार" की धार जैसे अभिनय की "आन" बान और शान थी। इरफान अपने चरित्र में इस कदर "डूब" जाते थे कि "राइट या रॉंग" वाली बातों का कोई हिस्सा मौजूद ही नहीं रहता था। वो बिल्कुल "मि. 100%" थे। इरफान खान का पूरा नाम साहबजादा इरफान अली खान था। इनका जन्म 7 जनवरी 1967 को राजस्थान के जयपुर में हुआ था। वालिद यासीन अली खान की "फुटपाथ" पर टायर की दुकान थी। इरफान क्रिकेट में "अपना आश्मां" बुलंद करना चाहते थे पर इसके लिए खुद से किए गए "वादे इरादे" पैसों की तंगी की वजह से "अधूरा" रह गया। "हिंदी मीडियम" वाले इरफ...