कोरोना, चैप्टर-2
चैप्टर-2
【Reality】
जनवरी लास्ट, चीन में मौत का सिलसिला थम नही रहा हैं पर नाही चीनी सरकार इसे गंभीर ले नही रही हैं नाही दूसरे देशों को सतर्क कर रही हैं और नाही WHO को सही रिपोर्ट दे रही हैं। हालांकि चीन ने 31 दिसम्बर को ही WHO को कोरोना के बारे में अपडेट किया जरूर पर सीरियस तरिके से नहीं। अब कोरोना फैलना शुरू होता हैं बाहर के देशों में।
इटली के रोम में पहला कन्फर्म केश मिलता है 31 जनवरी को जो चीनी कपल है और जो 28 जनवरी को मिलान एयरपोर्ट के रास्ते रोम पहुँचा हैं। अगली दोपहरी को उन्हें सर्दी खाँसी होती हैं फिर शाम को ये भर्ती होते हैं लज़्ज़ारो सपल्लनज़नी नेशनल इंस्टीट्यूट फ़ॉर इन्फेक्शस डीसीसेस में, जहाँ उनमे कोरोना की पुष्टि होती हैं 31 जनवरी को। सिर्फ उसी एक केश पर इटैलियन गवर्नमेंट नेशनल इमरजेंसी घोषित कर देती हैं छः महीनों के लिए।
इधर चाईना के बाहर पहली मौत होती हैं फिलिपिंश में जो एक 44 वर्षीय चीनी नागरिक हैं और जो 12 जनवरी को हॉन्ग कॉन्ग से फिलिपिंश आया हुआ हैं।
फरवरी छः को एक और इटैलियन नागरिक कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है और 21 फ़रवरी को 16 कन्फर्म केश पाए जाते हैं तथा उसके अगले ही दिन 60 नए केशों के साथ पहला डेथ होता है इटली में जो मौत के नंगे नाच की पहली शुरुआत भर होती हैं। फरवरी खत्म होते होते 1694 एक्टिव केशों के साथ 34 लोगो की मौत ही चुकी होती हैं।
इधर चारों तरफ तबाही मचाता हुआ कोरोना वायरस का पहला रिजल्ट स्पेन में भी 31 जनवरी को ही मिलता हैं एक जर्मन नागरिक से। 24 फरवरी को, इटली में कोरोना कोविड-19 प्रकोप के बाद स्पेन ,लोम्बार्डी इटली के एक डॉक्टर जो कि टेनेरिफ़ में छुट्टियां मना रहे थे, से शुरू होने वाले इतालवी समूहों से संबंधित कई मामलों की पुष्टि करता हैं। हालांकि स्पेन में मौत के मामले अभी बेहद ही कम रहते हैं।
15 मार्च तक इटली में दो हजार तक मौत का आंकड़ा पहुंचता हैं और 25,000 से ज्यादा केश एक्टिव रहते हैं तथा इधर स्पेन में 8000 केश के साथ 294 लोग इस वायरस का शिकार हो दुनिया को अलविदा कह चुके होते हैं। उधर चीन में तबाही जारी हैं। चीन के ऊपर लापरवाही, दूसरे देशों को सूचित नही करना, कोरोना वायरस को केमिकल वेपन के रूप में इस्तेमाल करना आदि कई सारे आरोपों का लगाना शुरू हो गया हैं।
ताज्जुब की बात ये रहती हैं कि रूस में भी कोरोना का पहला केश 31 जनवरी को ही मिलता हैं दो चीनी लीगों से जो बाद में रिकवर कर जाते हैं लेकिन कुछ दिन बाद ही 8 रसियन कोरोना एक्टिव पाए जाते हैं। रूस की सरकार वहां स्कूल, कॉलेज आदि सभी संस्थानों को बंद कर देती हैं तथा लॉक डाउन के बहुत कड़े नियम लगाती हैं। मार्च 15 तक 63 केशों के साथ वहां कोई डेथ नही हैं।
बहुत गजब, ब्रिटेन ,यहाँ भी कोरोना का दस्तक 31 जनवरी को ही होता हैं। यहाँ 5 मार्च को पहला डेथ होता हैं 114 केशों के साथ 15 मार्च को 1391 केशों के साथ 35 डेथ तक पहुंचता हैं।
फ्रांस में कोरोना का आगमन 24 जनवरी को ही हो चुका होता हैं चीन से लौटे एक फ्रेंच यात्री के द्वारा और शाम होते होते दो नए केश सामने आ जाते हैं जो चीन से कुछ दिन पहले हो लौटे हैं। 14 फरवरी को पहले मौत की पुष्टि होती हैं और मार्च 15 तक 5000 से ज्यादा नए केशों के साथ 38 लोग मर चुके होते हैं।
कोरोना अपना वजूद दुनिया के हर मुल्कों में जामाता हुआ बिग बैंग जैसा फैलता जा रहा हैं और बार बार ये साबित करता जा रहा हैं कि इंसान की औकात उसके सामने कुछ नहीं हैं।
इटली की अर्थव्यवस्था थोड़ी चरमरा गई हैं पर वहां की सरकार को अर्थव्यवस्था की चिंता ना अपने लोगो की चिंता हो रही हैं। वहां की सरकार अपने पूरे प्रयास को लगा देती हैं। इटली की मेडिकल व्यवस्था पूरे विश्व मे दो नंबर पर आती हैं और वहां मौत का सिलसिला रुकने का नाम नही लर रहा हैं।
मार्च 29 तक इटली में 10,023, फ्रांस में 2,317, नीदरलैंड में 640, तुर्की में 92 , थाईलैंड में 1245 ,ईरान में 2517, जापान में 49, ब्राजील में 93, स्वीडन में 105, इक्वेडोर में 41, बेल्जियम में 289, स्पेन में 5812, ब्रिटेन में 1019, इंडोनेशिया में 102, चीन में 3299, फिलिपिंश में 68 और रूस में 4 लोगो की मौत हो चुकी हैं। ये तो बस कुछ ही देशों का आंकड़ा है। कुल मिलाकर पूरे वर्ल्ड में 30,833 से ज्यादा लोगो की मौत 29 मार्च तक हो चुकी हैं। मृत्यु दर हर दिन 7% के दर से बढ़ रही हैं। अकेले इटली और स्पेन हर दिन अपने पिछले 24 घंटो में हुई मौतों के रिकॉर्ड को तोड़े जा रहे हैं । पिछले 24 घंटों में अकेले इटली में 889 लोगों की मौत हुई हैं। वही स्पेन में 832 लोग पिछले 24 घंटो में मरे हैं तथा 72, 248 एक्टिव केशों की संख्या पहुंच गई हैं। इटली और स्पेन के वर्तमान हालात बताते हैं कि वहां तबाही रुकने वाली नही हैं अभी। लाश घरों में सड़ रहे हैं। लोग अपनी ताबूत खुद आर्डर कर रहे हैं।
पूरे वर्ल्ड के 199 देशों को अपनी चपेट में लिया हुआ कोरोना 6,64,103 पॉजिटिव केशों के साथ अपना ग्राफ बढ़ाते जा रहा और सुधार की बात करे तो पूरे वर्ल्ड में 1,37,283 लोग इस वायरस से निजात भी पा चुके हैं।
[■वर्ल्ड वॉर 3■]
कही यही तो नहीं हैं वर्ल्ड वॉर 3। एडवांस टेक्नोलॉजी के दौर में कहां गोली, बम और बारूदों से युद्ध होगा। जैविक हथियार ही उपयोग होगा, ऐसा पहलेे भी अंदेशा लगाया जा चुका हैं और आज पूरे विश्व की हालात ये बता सकती हैं कि जैविक हथियार से बड़ा कोई भी हथियार नहीं हैं। परमाणु बम गिरने के बाद कई वर्षों तक जापान उसके रेडिएशन से ग्रषित रहा था, ये भी कुछ ऐसा सी हैं शायद।
【Real Facts】
◆इधर चीन में मौत का आंकड़ा थम गया हैं। चीन ने अधिकांश पाबंदियां हटा ली हैं। बुहान मार्केट फिर से शुरू हो चुका हैं। मूवीज थियेटरों को ओपन कर दिया गया हैं। मेट्रो सेवा फिर से बहाल हो गयी हैं। ऐसा लग रहा है कि वहां कुछ हुआ ही नही हैं।
◆चीन ने स्पेन को 467 मिलियन का मेडिकल किट कोरोना से संबंधित बेचा हैं। हालांकि स्पेन ने दो दिन बाद उसे ये किट लौटान की भी बात कही हैं क्योंकि इस किट में फाल्ट हैं।
◆चीन ने चेक रिपब्लिक को भी कोरोना किट बेचे हैं।
◆चीन की बिजनेश पालिसी पर कोई असर नही पड़ा हैं जबकि IMF ने वर्ल्ड इकॉनमी को खतरे में बताया हैं।
◆चीन के पास एक अच्छा मौका हैं पूरे विश्व के नेतृत्व का या ये सब उसी का किया धरा हैं ताकि उसे मौका मिले।
◆इधर G20 सम्मेलन में बहुत सी बातें हुईं हैं इस वायरस से लड़ने के लिए लेकिन चीन पर किसी ने सख्ती दिखाने की बात नहीं की। सही भी हैं, अभी सख्ती दिखाने का वक्त नहीं नहीं हैं।
◆चीन में ही कई सारे जगहों पर कोई भी कोरोना का केश शुरुआत से लेकर लास्ट तक कही नहीं मिला।
********
सबसे अलग हट कर एक और रिपोर्ट की बात करे तो वर्ल्ड पॉल्युशन में काफी गिरावट आई हैं। हर नेगेटिव में कुछ न कुछ पॉजिटिव जरूर होता हैं। दुनिया ऐसी ही खत्म हो जाएगी फिर पॉल्युशन खत्म हो जाएगा। नया एन्वॉयरमेंट और नई जाती से फिर से शुरुआत होगी नई दुनिया की। इंसानों को समझ लेना चाहिए कि हर चीज की एक हर होती हैं और हद का अंत भी होता हैं।
********
कोरोना का कहर जारी हैं। अमेरिका की नींद उड़ी हुई है। वहां इटली और स्पेन दोनों को मिला कर पॉजिटिव केशों की संख्या के रिकॉर्ड टूट रहे हैं। भारत जैसे बड़े देश मे गंभीर परिणाम के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। WHO भारत को बार बार सतर्क कर रहा हैं। पढ़े अमेरिका और भारत मे कोरोना का कहर, चैप्टर 3 में।
घर के अंदर रहे। सुरक्षति रहे।
My Report@कोरोना वायरस
Shashi Ranjan✍
【Reality】
जनवरी लास्ट, चीन में मौत का सिलसिला थम नही रहा हैं पर नाही चीनी सरकार इसे गंभीर ले नही रही हैं नाही दूसरे देशों को सतर्क कर रही हैं और नाही WHO को सही रिपोर्ट दे रही हैं। हालांकि चीन ने 31 दिसम्बर को ही WHO को कोरोना के बारे में अपडेट किया जरूर पर सीरियस तरिके से नहीं। अब कोरोना फैलना शुरू होता हैं बाहर के देशों में।
इटली के रोम में पहला कन्फर्म केश मिलता है 31 जनवरी को जो चीनी कपल है और जो 28 जनवरी को मिलान एयरपोर्ट के रास्ते रोम पहुँचा हैं। अगली दोपहरी को उन्हें सर्दी खाँसी होती हैं फिर शाम को ये भर्ती होते हैं लज़्ज़ारो सपल्लनज़नी नेशनल इंस्टीट्यूट फ़ॉर इन्फेक्शस डीसीसेस में, जहाँ उनमे कोरोना की पुष्टि होती हैं 31 जनवरी को। सिर्फ उसी एक केश पर इटैलियन गवर्नमेंट नेशनल इमरजेंसी घोषित कर देती हैं छः महीनों के लिए।
इधर चाईना के बाहर पहली मौत होती हैं फिलिपिंश में जो एक 44 वर्षीय चीनी नागरिक हैं और जो 12 जनवरी को हॉन्ग कॉन्ग से फिलिपिंश आया हुआ हैं।
फरवरी छः को एक और इटैलियन नागरिक कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है और 21 फ़रवरी को 16 कन्फर्म केश पाए जाते हैं तथा उसके अगले ही दिन 60 नए केशों के साथ पहला डेथ होता है इटली में जो मौत के नंगे नाच की पहली शुरुआत भर होती हैं। फरवरी खत्म होते होते 1694 एक्टिव केशों के साथ 34 लोगो की मौत ही चुकी होती हैं।
इधर चारों तरफ तबाही मचाता हुआ कोरोना वायरस का पहला रिजल्ट स्पेन में भी 31 जनवरी को ही मिलता हैं एक जर्मन नागरिक से। 24 फरवरी को, इटली में कोरोना कोविड-19 प्रकोप के बाद स्पेन ,लोम्बार्डी इटली के एक डॉक्टर जो कि टेनेरिफ़ में छुट्टियां मना रहे थे, से शुरू होने वाले इतालवी समूहों से संबंधित कई मामलों की पुष्टि करता हैं। हालांकि स्पेन में मौत के मामले अभी बेहद ही कम रहते हैं।
15 मार्च तक इटली में दो हजार तक मौत का आंकड़ा पहुंचता हैं और 25,000 से ज्यादा केश एक्टिव रहते हैं तथा इधर स्पेन में 8000 केश के साथ 294 लोग इस वायरस का शिकार हो दुनिया को अलविदा कह चुके होते हैं। उधर चीन में तबाही जारी हैं। चीन के ऊपर लापरवाही, दूसरे देशों को सूचित नही करना, कोरोना वायरस को केमिकल वेपन के रूप में इस्तेमाल करना आदि कई सारे आरोपों का लगाना शुरू हो गया हैं।
ताज्जुब की बात ये रहती हैं कि रूस में भी कोरोना का पहला केश 31 जनवरी को ही मिलता हैं दो चीनी लीगों से जो बाद में रिकवर कर जाते हैं लेकिन कुछ दिन बाद ही 8 रसियन कोरोना एक्टिव पाए जाते हैं। रूस की सरकार वहां स्कूल, कॉलेज आदि सभी संस्थानों को बंद कर देती हैं तथा लॉक डाउन के बहुत कड़े नियम लगाती हैं। मार्च 15 तक 63 केशों के साथ वहां कोई डेथ नही हैं।
बहुत गजब, ब्रिटेन ,यहाँ भी कोरोना का दस्तक 31 जनवरी को ही होता हैं। यहाँ 5 मार्च को पहला डेथ होता हैं 114 केशों के साथ 15 मार्च को 1391 केशों के साथ 35 डेथ तक पहुंचता हैं।
फ्रांस में कोरोना का आगमन 24 जनवरी को ही हो चुका होता हैं चीन से लौटे एक फ्रेंच यात्री के द्वारा और शाम होते होते दो नए केश सामने आ जाते हैं जो चीन से कुछ दिन पहले हो लौटे हैं। 14 फरवरी को पहले मौत की पुष्टि होती हैं और मार्च 15 तक 5000 से ज्यादा नए केशों के साथ 38 लोग मर चुके होते हैं।
कोरोना अपना वजूद दुनिया के हर मुल्कों में जामाता हुआ बिग बैंग जैसा फैलता जा रहा हैं और बार बार ये साबित करता जा रहा हैं कि इंसान की औकात उसके सामने कुछ नहीं हैं।
इटली की अर्थव्यवस्था थोड़ी चरमरा गई हैं पर वहां की सरकार को अर्थव्यवस्था की चिंता ना अपने लोगो की चिंता हो रही हैं। वहां की सरकार अपने पूरे प्रयास को लगा देती हैं। इटली की मेडिकल व्यवस्था पूरे विश्व मे दो नंबर पर आती हैं और वहां मौत का सिलसिला रुकने का नाम नही लर रहा हैं।
मार्च 29 तक इटली में 10,023, फ्रांस में 2,317, नीदरलैंड में 640, तुर्की में 92 , थाईलैंड में 1245 ,ईरान में 2517, जापान में 49, ब्राजील में 93, स्वीडन में 105, इक्वेडोर में 41, बेल्जियम में 289, स्पेन में 5812, ब्रिटेन में 1019, इंडोनेशिया में 102, चीन में 3299, फिलिपिंश में 68 और रूस में 4 लोगो की मौत हो चुकी हैं। ये तो बस कुछ ही देशों का आंकड़ा है। कुल मिलाकर पूरे वर्ल्ड में 30,833 से ज्यादा लोगो की मौत 29 मार्च तक हो चुकी हैं। मृत्यु दर हर दिन 7% के दर से बढ़ रही हैं। अकेले इटली और स्पेन हर दिन अपने पिछले 24 घंटो में हुई मौतों के रिकॉर्ड को तोड़े जा रहे हैं । पिछले 24 घंटों में अकेले इटली में 889 लोगों की मौत हुई हैं। वही स्पेन में 832 लोग पिछले 24 घंटो में मरे हैं तथा 72, 248 एक्टिव केशों की संख्या पहुंच गई हैं। इटली और स्पेन के वर्तमान हालात बताते हैं कि वहां तबाही रुकने वाली नही हैं अभी। लाश घरों में सड़ रहे हैं। लोग अपनी ताबूत खुद आर्डर कर रहे हैं।
पूरे वर्ल्ड के 199 देशों को अपनी चपेट में लिया हुआ कोरोना 6,64,103 पॉजिटिव केशों के साथ अपना ग्राफ बढ़ाते जा रहा और सुधार की बात करे तो पूरे वर्ल्ड में 1,37,283 लोग इस वायरस से निजात भी पा चुके हैं।
[■वर्ल्ड वॉर 3■]
कही यही तो नहीं हैं वर्ल्ड वॉर 3। एडवांस टेक्नोलॉजी के दौर में कहां गोली, बम और बारूदों से युद्ध होगा। जैविक हथियार ही उपयोग होगा, ऐसा पहलेे भी अंदेशा लगाया जा चुका हैं और आज पूरे विश्व की हालात ये बता सकती हैं कि जैविक हथियार से बड़ा कोई भी हथियार नहीं हैं। परमाणु बम गिरने के बाद कई वर्षों तक जापान उसके रेडिएशन से ग्रषित रहा था, ये भी कुछ ऐसा सी हैं शायद।
【Real Facts】
◆इधर चीन में मौत का आंकड़ा थम गया हैं। चीन ने अधिकांश पाबंदियां हटा ली हैं। बुहान मार्केट फिर से शुरू हो चुका हैं। मूवीज थियेटरों को ओपन कर दिया गया हैं। मेट्रो सेवा फिर से बहाल हो गयी हैं। ऐसा लग रहा है कि वहां कुछ हुआ ही नही हैं।
◆चीन ने स्पेन को 467 मिलियन का मेडिकल किट कोरोना से संबंधित बेचा हैं। हालांकि स्पेन ने दो दिन बाद उसे ये किट लौटान की भी बात कही हैं क्योंकि इस किट में फाल्ट हैं।
◆चीन ने चेक रिपब्लिक को भी कोरोना किट बेचे हैं।
◆चीन की बिजनेश पालिसी पर कोई असर नही पड़ा हैं जबकि IMF ने वर्ल्ड इकॉनमी को खतरे में बताया हैं।
◆चीन के पास एक अच्छा मौका हैं पूरे विश्व के नेतृत्व का या ये सब उसी का किया धरा हैं ताकि उसे मौका मिले।
◆इधर G20 सम्मेलन में बहुत सी बातें हुईं हैं इस वायरस से लड़ने के लिए लेकिन चीन पर किसी ने सख्ती दिखाने की बात नहीं की। सही भी हैं, अभी सख्ती दिखाने का वक्त नहीं नहीं हैं।
◆चीन में ही कई सारे जगहों पर कोई भी कोरोना का केश शुरुआत से लेकर लास्ट तक कही नहीं मिला।
********
सबसे अलग हट कर एक और रिपोर्ट की बात करे तो वर्ल्ड पॉल्युशन में काफी गिरावट आई हैं। हर नेगेटिव में कुछ न कुछ पॉजिटिव जरूर होता हैं। दुनिया ऐसी ही खत्म हो जाएगी फिर पॉल्युशन खत्म हो जाएगा। नया एन्वॉयरमेंट और नई जाती से फिर से शुरुआत होगी नई दुनिया की। इंसानों को समझ लेना चाहिए कि हर चीज की एक हर होती हैं और हद का अंत भी होता हैं।
********
कोरोना का कहर जारी हैं। अमेरिका की नींद उड़ी हुई है। वहां इटली और स्पेन दोनों को मिला कर पॉजिटिव केशों की संख्या के रिकॉर्ड टूट रहे हैं। भारत जैसे बड़े देश मे गंभीर परिणाम के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। WHO भारत को बार बार सतर्क कर रहा हैं। पढ़े अमेरिका और भारत मे कोरोना का कहर, चैप्टर 3 में।
घर के अंदर रहे। सुरक्षति रहे।
My Report@कोरोना वायरस
Shashi Ranjan✍

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